UPI कैशबैक ऑफर्स: 2026 के लिए पूरी गाइड

UPI कैशबैक ऑफर्स के जरिए हर UPI पेमेंट पर पैसे वापस पाना आकर्षक लगता है, लेकिन सही ऐप चुनना अक्सर मुश्किल हो जाता है। हर ऐप का कैशबैक मॉडल अलग होता है कुछ स्क्रैच कार्ड देते हैं, तो कुछ सीधे बैंक खाते में कैशबैक भेजते हैं। सही जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोग हर महीने मिलने वाली बचत के कई मौके गंवा देते हैं। इस गाइड में आपको 2026 के टॉप UPI कैशबैक ऐप्स, उनके ऑफर्स की वास्तविकता और कैशबैक को अधिकतम करने के व्यावहारिक तरीके विस्तार से जानने को मिलेंगे।
UPI कैशबैक क्या है और यह कैसे काम करता है

UPI कैशबैक एक रिवॉर्ड सिस्टम है जिसमें हर एलिजिबल ट्रांजैक्शन पर आपको एक तय प्रतिशत या फिक्स्ड अमाउंट वापस मिलता है। यह कई फॉर्म में आ सकता है, स्क्रैच कार्ड, वॉलेट क्रेडिट, ऐप कॉइन्स, या डायरेक्ट बैंक कैशबैक। ज्यादातर ऐप्स कुछ शर्तें भी रखते हैं, जैसे मिनिमम ट्रांजैक्शन वैल्यू, तय मर्चेंट कैटेगरी, या रोज़ाना पेमेंट की गिनती। UPI का बेसिक स्ट्रक्चर समझने के लिए Unified Payments Interface पर पूरी टेक्निकल जानकारी मिल जाती है, जिससे यह क्लियर होता है कि हर पेमेंट के पीछे कौन सा सिस्टम काम करता है।
एक बात हमेशा ध्यान रखें, कैशबैक के टर्म्स बहुत तेजी से बदलते हैं। कोई ऑफर पर्सनलाइज़्ड हो सकता है, कोई कैप्ड हो सकता है, और कोई सिर्फ लिमिटेड टाइम के लिए हो सकता है। इसलिए पेमेंट करने से पहले ऐप का ऑफर सेक्शन जरूर चेक करें।
कैशबैक के मुख्य प्रकार
UPI कैशबैक को समझने के लिए पहले उसके फॉर्मेट को जानना जरूरी है, क्योंकि हर फॉर्मेट का यूज़ अलग होता है।
गारंटीड कैशबैक: हर एलिजिबल ट्रांजैक्शन पर तय प्रतिशत, जैसे MobiKwik या slice पर मिलता है।
कैंपेन-बेस्ड कैशबैक: सिर्फ फेस्टिवल या सेल पीरियड में एक्टिव, जैसे Google Pay के सीज़नल इवेंट।
रैंडम स्क्रैच कार्ड: पेमेंट के बाद रैंडम अमाउंट, कभी बड़ा रिवॉर्ड तो कभी ₹0।
वॉलेट/बैलेंस क्रेडिट: डायरेक्ट बैंक अकाउंट में नहीं, बल्कि ऐप वॉलेट में जुड़ता है, जैसे Paytm और Amazon Pay पर।
कार्ड-लिंक्ड कैशबैक: RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने पर मिलने वाला एक्स्ट्रा रिवॉर्ड।
यह समझना जरूरी है कि कोई भी एक फॉर्मेट "सबसे अच्छा" नहीं है, बल्कि आपकी स्पेंडिंग हैबिट के हिसाब से सही फॉर्मेट अलग हो सकता है। जो लोग रोज़ छोटे-छोटे पेमेंट करते हैं, उनके लिए गारंटीड कैशबैक ज्यादा प्रैक्टिकल है, जबकि फेस्टिवल शॉपर्स के लिए कैंपेन-बेस्ड ऑफर ज्यादा वैल्यू देते हैं।
2026 में टॉप UPI कैशबैक ऐप्स का कम्पेरिज़न
| ऐप | कैशबैक टाइप | बेस्ट फॉर |
|---|---|---|
| Google Pay | स्क्रैच कार्ड + रेफरल बोनस | कैज़ुअल यूज़र, फेस्टिवल कैंपेन |
| PhonePe | स्क्रैच कार्ड + मर्चेंट कूपन | डेली पेमेंट, वाइड मर्चेंट एक्सेप्टेंस |
| Paytm | वॉलेट क्रेडिट + वाउचर | बिल पेमेंट, रिचार्ज |
| MobiKwik | डायरेक्ट परसेंटेज कैशबैक | हर ट्रांजैक्शन पर गारंटीड रिवॉर्ड |
| Kiwi | फ्लैट कैशबैक (RuPay कार्ड) | क्रेडिट-ऑन-UPI यूज़र्स |
| slice | परसेंटेज कैशबैक + वीकली डील | फ्रीक्वेंट स्कैन पेमेंट |
| Navi UPI | सिंपल, फ्रीक्वेंट कैशबैक | बिना कंडीशन के आसान रिवॉर्ड |
| Super.money | रियल मोनेटरी कैशबैक | जो कॉइन्स/वाउचर नहीं चाहते |
| Amazon Pay | अमेज़न बैलेंस कैशबैक | अमेज़न शॉपर्स |
अपने लिए सही ऐप कैसे चुनें
सही ऐप चुनने से पहले खुद से ये 3 सवाल पूछें:
आप ज्यादातर पेमेंट कहाँ करते हैं? मर्चेंट QR, बिल, या रिचार्ज पर
क्या आप RuPay क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के लिए ओपन हैं?
आपको डायरेक्ट कैश चाहिए या वॉलेट/कॉइन भी चलेगा?
इसके हिसाब से यह रहा quick decision guide:
डेली छोटे पेमेंट + गारंटीड रिवॉर्ड चाहिए: MobiKwik या slice चुनें
फेस्टिवल सेल का इंतज़ार करते हैं: Google Pay और PhonePe के कैंपेन बेहतर रहेंगे
सिंपल, बिना कंडीशन वाला रिवॉर्ड चाहिए: Navi UPI या Super.money सही रहेंगे
RuPay कार्ड लिंक करने को तैयार हैं: Kiwi सबसे ज्यादा वैल्यू देगा
हर ऐप की पूरी डिटेल
1. Google Pay
स्क्रैच कार्ड सिस्टम अब भी एक्टिव है, और त्योहारों के सीज़न में स्पेशल कैंपेन जैसे डिवाली स्कैनर और पार्टी अनबॉक्स से बड़े पेआउट मिलते हैं। रेफरल पर भी रिवॉर्ड मिलता है, जैसे नए यूज़र को जोड़ने पर दोनों तरफ बोनस क्रेडिट होता है। पूरी ऑफर डिटेल Google Pay Help Center पर देखी जा सकती है। Google Pay की सबसे बड़ी ताकत उसका सिंपल इंटरफेस और वाइड बैंक सपोर्ट है, इसलिए यह अभी भी भारत के सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले UPI ऐप्स में से एक है।
बेस्ट फॉर: कैज़ुअल यूज़र जो फेस्टिवल कैंपेन का फायदा उठाना चाहते हैं।
ध्यान रखें: रेगुलर ट्रांजैक्शन पर रिवॉर्ड छोटा होता है, कभी-कभी स्क्रैच कार्ड ₹0 भी निकल सकता है, इसलिए इसे मुख्य कैशबैक सोर्स के बजाय एक्स्ट्रा बोनस की तरह देखें।
2. PhonePe
मर्चेंट पेमेंट, बिल पेमेंट और रिचार्ज पर स्क्रैच कार्ड और ब्रांड कूपन मिलते हैं, खासकर सेल सीज़न में। RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक करने पर रिवॉर्ड बेहतर हो जाते हैं। PhonePe अब कैश रिवॉर्ड के बजाय मर्चेंट कूपन की तरफ शिफ्ट हो चुका है, यानी आपको Lenskart या Ajio जैसे ब्रांड्स के कूपन मिल सकते हैं। पेमेंट सिक्योरिटी और जेन्युइन ऑफर वेरिफाई करने के लिए PhonePe की सेफ्टी गाइडलाइंस एक भरोसेमंद सोर्स है।
बेस्ट फॉर: डेली यूज़र, वाइड मर्चेंट एक्सेप्टेंस, जो कूपन-बेस्ड रिवॉर्ड से भी ठीक हैं।
ध्यान रखें: ज्यादातर ऑफर पर्सनलाइज़्ड और कैंपेन-ड्रिवन हैं, फिक्स्ड कैशबैक कम है, इसलिए हर पेमेंट पर एक जैसा रिवॉर्ड expect न करें।
3. Paytm
UPI Lite एक्टिवेशन और बिल पेमेंट पर कैशबैक कैंपेन चलते रहते हैं, साथ ही वॉलेट क्रेडिट, वाउचर और मूवी टिकट/ट्रैवल डील भी मिलते हैं। Paytm का सुपर ऐप मॉडल इसे बिल पेमेंट, रिचार्ज, और टिकट बुकिंग तीनों के लिए एक जगह पर सुविधा देता है, इसलिए फ्रीक्वेंट यूटिलिटी पेमेंट करने वालों के लिए यह प्रैक्टिकल है।
बेस्ट फॉर: जो लोग रेगुलर बिल पेमेंट और रिचार्ज पर सेविंग चाहते हैं।
ध्यान रखें: कैशबैक अक्सर वॉलेट बैलेंस या प्रोमो कोड की फॉर्म में आता है, डायरेक्ट कैश नहीं, इसलिए बैलेंस टाइम पर इस्तेमाल करना जरूरी है।
4. MobiKwik
एलिजिबल हैंडल से किए गए पेमेंट पर एक तय प्रतिशत कैशबैक मिलता है, साथ ही डेली स्क्रैच कार्ड की सुविधा भी है। इसका फायदा यह है कि यह लगभग हर UPI ट्रांजैक्शन पर काम करता है, सिर्फ सिलेक्टेड मर्चेंट पर नहीं।
बेस्ट फॉर: वो यूज़र जो हर पेमेंट पर गारंटीड रिवॉर्ड चाहते हैं।
ध्यान रखें: मैक्सिमम कैशबैक पर ट्रांजैक्शन कैप होती है।
5. Kiwi और slice
ये दोनों क्रेडिट-ऑन-UPI मॉडल पर काम करते हैं, यानी RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक करके फ्लैट या परसेंटेज कैशबैक मिलता है। Kiwi पर बेस कैशबैक के साथ पेड Neon मेंबरशिप का ऑप्शन भी है, जिसमें स्पेंड माइलस्टोन के बाद रेट और बढ़ जाता है। Slice पर हर स्कैन पर परसेंटेज कैशबैक मिलता है, साथ ही वीकली इंस्टेंट कैशबैक डील "Slice Spark" के नाम से चलती है। ये दोनों ऐप्स उन यूज़र्स के लिए सही हैं जो पारंपरिक बैंक अकाउंट UPI के बजाय क्रेडिट-बेस्ड मॉडल ट्राय करना चाहते हैं।
बेस्ट फॉर: जो यूज़र क्रेडिट कार्ड ऑप्शन के लिए ओपन हैं और रेगुलर छोटे-बड़े पेमेंट पर फ्लैट रिवॉर्ड चाहते हैं।
ध्यान रखें: हाई कैशबैक रेट के लिए अक्सर पेड मेंबरशिप या स्पेंड माइलस्टोन जरूरी होता है, बिना उसके बेस रेट ही मिलता है।
6. Navi UPI और SuperMoney
ये दोनों सिंपल, फ्रीक्वेंट कैशबैक स्ट्रक्चर के लिए जाने जाते हैं, बिना ज्यादा कंडीशन के। Navi UPI का फोकस सिर्फ कोर पेमेंट और कैशबैक पर है, बिना किसी कॉम्प्लेक्स टास्क के, इसलिए यह उन यूज़र्स के लिए सही है जो सिंपल एक्सपीरियंस चाहते हैं। Super.money रियल मोनेटरी कैशबैक देता है, न कि कॉइन्स या वाउचर, जो प्रैक्टिकल यूज़र्स को ज्यादा पसंद आता है क्योंकि इसे तुरंत रिडीम किया जा सकता है, किसी कैटलॉग से प्रोडक्ट चुनने की जरूरत नहीं पड़ती।
बेस्ट फॉर: जो कॉम्प्लेक्स टास्क या कंडीशन के बिना आसान, फ्रीक्वेंट रिवॉर्ड चाहते हैं।
7. Amazon Pay
अमेज़न ऑर्डर, QR पेमेंट और बिल पेमेंट पर कैशबैक मिलता है, जो सीधे अमेज़न पे बैलेंस में जुड़ जाता है। पहली बार रिचार्ज करने पर तुरंत बोनस भी मिलता है, और प्राइम मेंबर्स के लिए अक्सर एक्स्ट्रा ऑफर होते हैं। यह IRCTC टिकट बुकिंग और BookMyShow जैसी पार्टनर सर्विस पर भी काम करता है।
बेस्ट फॉर: रेगुलर अमेज़न शॉपर्स और प्राइम मेंबर्स।
ध्यान रखें: कैशबैक अमेज़न इकोसिस्टम तक सीमित रहता है, बाहर इस्तेमाल नहीं हो सकता, इसलिए यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो पहले से अमेज़न पर रेगुलर शॉपिंग करते हैं।

UPI कैशबैक को मैक्सिमाइज़ करने के 8 तरीके
1. RuPay क्रेडिट कार्ड लिंक करें: इससे कई ऐप्स पर रिवॉर्ड रेट दोगुना हो जाता है, क्योंकि बैंक और ऐप दोनों तरफ से कैशबैक मिलता है।
2. रेफरल प्रोग्राम का फायदा लें: नए यूज़र को जोड़ने पर दोनों तरफ बोनस मिलता है, और कुछ ऐप्स पर यह रेगुलर कैशबैक से भी ज्यादा वैल्यू का हो सकता है।
3. फेस्टिवल कैंपेन में पेमेंट करें: सेल पीरियड में रिवॉर्ड रेट सबसे ज्यादा होता है, इसलिए बड़े पेमेंट फेस्टिवल विंडो में प्लान करें।
4. ऑफर सेक्शन नियमित चेक करें: ऑफर पर्सनलाइज़्ड और टाइम बाउंड हो सकते हैं, मिस न करें, हफ्ते में एक बार ऑफर टैब जरूर देखें।
5. ट्रांजैक्शन कैप पहले से जानें: मिनिमम वैल्यू और मैक्सिमम कैशबैक कैप समझकर पेमेंट प्लान करें, ताकि बड़ा पेमेंट छोटे हिस्सों में बांटकर ज्यादा कैशबैक निकाला जा सके।
6. एक से ज्यादा ऐप रखें: हर ऐप अलग कैटेगरी में बेहतर है, एक ही ऐप पर निर्भर न रहें, दो-तीन ऐप्स साथ में इस्तेमाल करना सबसे स्मार्ट स्ट्रैटेजी है।
7. कैटेगरी-स्पेसिफिक क्यूआर चेक करें: कुछ ऐप्स पर सिर्फ फ्यूल या ग्रोसरी QR पर एक्स्ट्रा रिवॉर्ड मिलता है, पेमेंट से पहले सही कैटेगरी सिलेक्ट करें।
8. मंथली स्पेंड माइलस्टोन ट्रैक करें: कई कार्ड-लिंक्ड ऐप्स एक तय स्पेंड के बाद बोनस रिवॉर्ड देते हैं, अपना मंथली स्पेंड ट्रैक करके उस माइलस्टोन तक पहुंचें।

क्रिएटर स्टोरफ्रंट से एक्स्ट्रा फॉलोअर कैशबैक
सिर्फ UPI ऐप से मिलने वाला कैशबैक ही काफी नहीं है। जब आप अपने फेवरेट क्रिएटर्स के स्टोरफ्रंट से शॉपिंग करते हैं, तो हर परचेज़ पर आपको फॉलोअर कैशबैक भी मिलता है, जो रेगुलर UPI कैशबैक के ऊपर एक्स्ट्रा सेविंग जोड़ देता है। Zokera पर 1000+ brand partnerships के ज़रिए यह सुविधा मिलती है, जिससे शॉपर्स को डबल बेनिफिट मिलता है, UPI ऐप का कैशबैक और क्रिएटर स्टोरफ्रंट का फॉलोअर कैशबैक, दोनों एक साथ।
यह मॉडल क्रिएटर्स के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि उन्हें अपने फॉलोअर बेस से कमाई का सीधा मौका मिलता है, और हर सेल पर उन्हें भी हिस्सा मिलता है। ब्रांड्स के नज़रिए से देखें तो यह मॉडल इसलिए काम करता है क्योंकि इससे जेन्युइन ऑडियंस तक सीधी पहुंच बढ़ती है, जो सिर्फ पेड एड्स से नहीं मिलती। अगर आप एक क्रिएटर हैं और अपना खुद का स्टोरफ्रंट शुरू करना चाहते हैं, तो यही वो जगह है जहां UPI कैशबैक और फॉलोअर कैशबैक मिलकर शॉपिंग को असली मायने में रिवॉर्डिंग बनाते हैं।
पारंपरिक UPI कैशबैक और फॉलोअर कैशबैक के बीच सबसे बड़ा फर्क यह है कि UPI ऐप का रिवॉर्ड पेमेंट मेथड पर आधारित है, जबकि फॉलोअर कैशबैक इस बात पर आधारित है कि आप किस क्रिएटर की सिफारिश पर खरीदारी कर रहे हैं। इसका मतलब है कि ये दोनों एक-दूसरे को रिप्लेस नहीं करते, बल्कि एक साथ स्टैक होते हैं। जो शॉपर्स दोनों सिस्टम को समझकर इस्तेमाल करते हैं, उन्हें हर परचेज़ पर सबसे ज्यादा वैल्यू मिलती है।
हर ऐप पर कैशबैक रेट अलग क्यों होता है
कई यूज़र सोचते हैं कि सभी UPI ऐप्स एक जैसा रिवॉर्ड देते हैं, लेकिन असल में हर ऐप का बिज़नेस मॉडल अलग होता है, और इसी वजह से कैशबैक रेट भी अलग-अलग होता है:
MobiKwik जैसे ऐप्स: डायरेक्ट मर्चेंट पार्टनरशिप से रेवेन्यू कमाते हैं, इसलिए हर ट्रांजैक्शन पर फिक्स्ड परसेंटेज दे पाते हैं
Google Pay और PhonePe: यूज़र बेस पहले से बहुत बड़ा है, इसलिए फोकस फिक्स्ड कैशबैक के बजाय कैंपेन-बेस्ड एंगेजमेंट पर ज्यादा है
Kiwi और slice: बैंकिंग पार्टनरशिप और इंटरचेंज फीस से कमाई करते हैं, इसलिए क्रेडिट कार्ड लिंक करने पर बेहतर रिवॉर्ड दे पाते हैं
यह समझना जरूरी है कि "सबसे ज्यादा कैशबैक" का जवाब फिक्स्ड नहीं है, यह आपकी पेमेंट कैटेगरी और फ्रीक्वेंसी पर निर्भर करता है।
UPI कैशबैक में लोग जो सामान्य गलतियां करते हैं
ज्यादातर यूज़र कैशबैक ऑफर का पूरा फायदा नहीं उठा पाते, क्योंकि वो कुछ आम गलतियां दोहराते हैं:
टर्म्स एंड कंडीशंस बिना पढ़े पेमेंट करना: जिससे कैशबैक क्रेडिट नहीं होता
सिर्फ एक ऐप पर निर्भर रहना: जबकि हर ऐप अलग कैटेगरी में बेहतर होता है
"Collect Offer" या "Activate" बटन पर टैप न करना: कई ऐप्स पर मैनुअल एक्टिवेशन जरूरी होता है
ट्रांजैक्शन को छोटे हिस्सों में न बांटना: जबकि कई बार छोटे-छोटे पेमेंट से ज्यादा स्क्रैच कार्ड या कैशबैक मौके मिल सकते हैं
इन गलतियों से बचकर आप हर महीने काफी ज्यादा कैशबैक बचा सकते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें और टैक्स संबंधी सवाल
कैशबैक ऑफर तेजी से बदलते रहते हैं, इसलिए हर ऑफर की टर्म्स एंड कंडीशंस पहले पढ़ें। ज्यादातर कैशबैक पर डेली या मंथली कैप होती है, और कुछ ऑफर पर्सनलाइज़्ड होते हैं यानी हर यूज़र को एक जैसा रिवॉर्ड नहीं मिलता। UPI ट्रांजैक्शन की सिक्योरिटी को लेकर NPCI की ऑफिशियल गाइडलाइंस समझना भी ज़रूरी है, ताकि कैशबैक के लालच में सिक्योरिटी से जुड़ी कोई गलती न हो।
रेगुलेटरी अपडेट के लिए RBI की ऑफिशियल वेबसाइट एक भरोसेमंद सोर्स है, जहां डिजिटल पेमेंट से जुड़े सभी नियम मिलते हैं। UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और ग्रोथ के आंकड़ों के लिए NPCI की UPI इकोसिस्टम स्टैटिस्टिक्स पर नज़र रखना भी फायदेमंद है, इससे यह समझ आता है कि यह इकोसिस्टम कितनी तेजी से बढ़ रहा है।
टैक्स के मामले में, ज्यादातर छोटे प्रमोशनल कैशबैक टैक्स फ्री माने जाते हैं, लेकिन बड़ी रकम के मामले में हमेशा CA से सलाह लेना बेहतर रहता है।
2026 में UPI कैशबैक का फ्यूचर कैसा दिख रहा है
UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम हर साल तेजी से बढ़ रहा है, और इसके साथ ही कैशबैक मॉडल भी बदल रहा है:
रैंडम से स्ट्रक्चर्ड की तरफ शिफ्ट: ज्यादातर बड़े ऐप्स अब सिर्फ रैंडम स्क्रैच कार्ड से आगे बढ़कर कार्ड-लिंक्ड और स्ट्रक्चर्ड रिवॉर्ड प्रोग्राम की तरफ जा रहे हैं
ज्यादा प्रेडिक्टेबल रिवॉर्ड: आगे कैशबैक ज्यादा ट्रांसपेरेंट होता जाएगा, बजाय रैंडम रिवॉर्ड के
मल्टी-लेयर कैशबैक बढ़ेगा: क्रिएटर कॉमर्स और स्टोरफ्रंट-बेस्ड शॉपिंग की वजह से एक ही खरीदारी पर UPI ऐप का रिवॉर्ड और क्रिएटर स्टोरफ्रंट का फॉलोअर कैशबैक, दोनों साथ मिलना आम होता जा रहा है
निष्कर्ष
2026 में UPI कैशबैक केवल स्क्रैच कार्ड का खेल नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजमर्रा के खर्चों पर बचत करने का एक स्मार्ट तरीका बन चुका है। अपनी पेमेंट आदतों के अनुसार सही UPI ऐप चुनकर, ऑफर्स की शर्तों को समझकर और समय-समय पर चलने वाले कैंपेन का लाभ उठाकर आप हर ट्रांजैक्शन से अधिकतम वैल्यू प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप क्रिएटर स्टोरफ्रंट के माध्यम से खरीदारी करते हैं, तो UPI कैशबैक के साथ फॉलोअर कैशबैक का अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। थोड़ी सी योजना और सही जानकारी के साथ आपकी हर UPI पेमेंट बेहतर बचत का अवसर बन सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. UPI कैशबैक कैसे मिलता है?
एलिजिबल ट्रांजैक्शन पूरा होने पर ऐप ऑटोमैटिक कैशबैक क्रेडिट करता है।
Q2. कौन सा UPI ऐप सबसे ज्यादा कैशबैक देता है?
यह स्पेंडिंग हैबिट पर निर्भर करता है, अलग-अलग ऐप्स अलग कैटेगरी में बेहतर हैं।
Q3. क्या UPI कैशबैक टैक्सेबल है?
छोटे प्रमोशनल कैशबैक ज्यादातर टैक्स फ्री माने जाते हैं, बड़ी रकम के लिए CA से सलाह लें।
Q4. क्या RuPay कार्ड लिंक करना जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन कई ऐप्स पर इससे कैशबैक रेट बढ़ जाता है।
Q5. क्या फॉलोअर कैशबैक सभी स्टोरफ्रंट पर मिलता है?
यह क्रिएटर और ब्रांड पार्टनरशिप पर निर्भर करता है, ज्यादातर एक्टिव स्टोरफ्रंट पर उपलब्ध है।
Q6. क्या कैशबैक ऑफर हर यूज़र के लिए एक जैसे होते हैं?
नहीं, ज्यादातर ऑफर पर्सनलाइज़्ड होते हैं और स्पेंडिंग हिस्ट्री पर निर्भर करते हैं।
Q7. क्या स्क्रैच कार्ड में हमेशा कैशबैक मिलता है?
नहीं, कुछ स्क्रैच कार्ड ₹0 भी निकाल सकते हैं, यह रैंडम रिवॉर्ड सिस्टम है।
Q8. क्या एक साथ कई UPI ऐप इस्तेमाल करना सही है?
हां, इससे अलग-अलग कैटेगरी में मिलने वाले कैशबैक का पूरा फायदा मिलता है।
Q9. क्या क्रिएटर स्टोरफ्रंट से खरीदारी पर UPI कैशबैक भी मिलता है?
हां, UPI ऐप का कैशबैक और स्टोरफ्रंट का फॉलोअर कैशबैक दोनों साथ में मिल सकते हैं।
Q10. कैशबैक अकाउंट में आने में कितना समय लगता है?
ज्यादातर इंस्टेंट होता है, लेकिन कुछ ऑफर पर 24 से 48 घंटे भी लग सकते हैं।


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